रामपुर बुजुर्ग पुलिया निर्माण में बड़ा घोटाला पुरानी दीवार पर रंग-रोगन कर नया दिखाने का खेल
राजेश गौतम महराजगंज
भारत रक्षक न्यूज
शिकायत के बाद भी नहीं थमा खेल, ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप ।
स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जांच की मांग कार्रवाई नहीं हुई तो आन्दोलन की चेतावनी
महराजगंज बागापार-महराजगंज मार्ग पर स्थित रामपुर बुजुर्ग में निर्माणाधीन नहर पुलिया को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता और घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिया के निर्माण में मानकों की अनदेखी करते हुए पुरानी दीवार को ही नया दिखाकर लाखों रुपये का गड़बड़झाला किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया निर्माण के नाम पर पुराने ढांचे को हटाने के बजाय उसी पर गेरू से ईंटों की रंगाई-पुताई कर नई पुलिया का रूप दिया जा रहा है। मजदूरों द्वारा पुराने निर्माण को छुपाने के लिए केवल ऊपरी सतह पर काम किया जा रहा है, जिससे पहली नजर में यह नया निर्माण प्रतीत हो, जबकि वास्तविकता कुछ और ही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा कार्य संबंधित ठेकेदार और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों की मिलीभगत से किया जा रहा है। निर्माण कार्य एक चर्चित फर्म के माध्यम से कराया जा रहा है, जिस पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समाजसेवी उमेश चंद मिश्र, काशी प्रसाद, उदयराज यादव, राम सिंह और अली रजा सहित दर्जनों ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी धन का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है और अधिकारियों की चुप्पी इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।
इसके अलावा दृगपाल चौधरी, हरेन्द्र गौतम, प्रभुदयाल, सेराज आलम, पप्पू राव अंबेडकर और रमेश चौधरी समेत अन्य लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर अब चुप नहीं बैठेंगे।
इस संबंध में जब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। हालांकि सूत्रों की मानें तो विभागीय स्तर पर मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई जांच शुरू नहीं की गई है।



