भारत रक्षक न्यूज
महराजगंज घुघली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बसंतपुर में विवादित दीवार को पुलिस बल की उपस्थिति एवं ग्राम प्रधान की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी (सदर) महराजगंज द्वारा दिनांक 30.12.2025 को पारित आदेश के अनुपालन में की गई।
प्रभावित पक्ष रामाश्रय एवं उनके परिवार का कहना है कि उक्त आदेश की वैधता एवं विधिसम्मतता को चुनौती देते हुए उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अंतर्गत आपराधिक विविध याचिका विधिवत दायर कर दी थी जिसका नोटिस पीड़ित पक्ष ने दिवाल गिराने के 1 घंटे पूर्व उपजिलाधिकारी महोदय को हस्तांतरित कर दिया था इसके बावजूद उपजिलाधिकारी महोदय ने राजनीतिक दबाव एवं विपक्षी के मिली भगत होने के कारण आनन फानन में पुलिस बल का प्रयोग करते हुए दिवाल का ध्वस्तीकरण करा दिया। मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन (Sub-Judice) है।
परिवार के अनुसार, उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किये जाने की भी सूचना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्व में दे दी गई थी। इसके बावजूद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किये जाने से यह प्रश्न उठ रहा है कि जब आदेश न्यायिक परीक्षण (Judicial Scrutiny) के अधीन था, तब इतनी त्वरित कार्यवाही क्यों की गई।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि न्यायालय की शरण में जाने के बाद भी यदि प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहती है, तो इससे न्यायिक प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामला वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है, और संबंधित पक्ष न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।



