1600 सौ भेड़ों के बीच रेगिस्तान से हुआ ग्लोबल
राजेश गौतम भारत रक्षक न्यूज संपादक महराजगंज
भारत रक्षक न्यूज
कुशीनगर/पडरौना क्षेत्र के नाहर छपरा गांव के रमेश बने लाखों लोगों की प्रेरणा तीसरी कक्षा के बाद मजबूरी के कारण छोड़ दी थी पढ़ाई
भारत रक्षक न्यूज संपादक राजेश गौतम 9455003656 महराजगंज के अनुसार
पडरौना क्षेत्र के नाहर छपरा गांव का एक युवा अपनी अलग पहचान गढ़ रहा है 34 वर्षीय रमेश चौहान आज डिजीटल चरवाह के नाम से जाना जाता है सऊदी अरब के रेगिस्तान में 1600 भेड़ों चराने वाला युवक सोशल मीडिया पर लाखों लोगों की प्रेरणा बन चुका है। आठ महीने पहले शुरू की गई साधारण ब्लालिंग ने उसे है।
दुनिया भर में एक अलग पहचान दिला दी। आज उसके फेसबुक अकाउंट पर करीब 20 लाख और पेज पर 4 लाख से अधिक फॉलोवर्स है। उसके वीडियो करोड़ों बार देखे जा चुके है।
150 रुपए के कारण छूट गई थी पढ़ाई
नाहर छपरा निवासी सरजू चौहान के बेटे रमेश कक्षा तीन के आगे नहीं पढ़ सके |2002 में मात्र 150 रुपए की फीस न दे पाने के कारण उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। परिवार में चार बहनों की शादी की जिम्मेदारी थी। इसलिए रोजगार की तलाश में पंजाब गए वहां करीब
सात साल काम किया। फिर पिता ने करीब 80-85 हजार रुपए जुटाकर एक एजेंट के मदद से मार्च 2013 में उन्हें सऊदी भेजा। कोई तकनीकी ज्ञान न होने के कारण
रमेश को वहां बकरी और भेड़ चराने का काम मिला रेगिस्तान की तपती धूप सीमित संसाधन और कठिन जीवन के बावजूद रमेश ने हार नहीं मानी। साथ गए अन्य लोग लौट आए और रमेश ने अपनी साहस दिखाते हुए उसी तपती हुई रेगिस्तान में डटे रहे। ईमानदारी और मेहनत के दम पर रमेश ने अपने मालिक का भरोसा जीता। और 1600 भेड़ों की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी गई।
लोग यकीन नहीं करते थे रमेश बताते है कि जब वे कहते थे कि वे भेड़ चराते है तो लोगों को विश्वास नहीं होता था यही अविश्वास उनके लिए चुनौती बन गया। उन्होंने अपने रोजमर्रा के जीवन के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना शुरू किया। सादगी मेहनत और सच्चाई से भरे इन वीडियो ने लोगों का दिल जीत लिया। बिहार के चर्चित शिक्षक खान ने अपनी कोचिंग क्लास में उनका वीडियो दिखाकर उनसे मिलने की इच्छा जताई थी । रमेश द्वारा बनाया गया एक वीडियो 988 मिलियन यानी लगभग 98 करोड़ 80 लाख से अधिक बार देखा गया।



